NSUI students protest to postpone JEE, NEET exams

JEE NEET Exams: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) की छात्र शाखा, NSUI ने परीक्षा, नई शिक्षा नीति और फीस माफी की मांग को लेकर भारत के कई राज्यों मे छात्र आंदोलन शुरू कर दिया है. इस छात्र आंदोलन को छात्र सत्याग्रह (Chatra Satyagrah) का नाम दिया गया है.

NSUI का कहना है कि देश मे बढ़ते कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के बीच केंद्र सरकार द्वारा छात्रो को परीक्षा देने के लिए विवश करके उनके जीवन को खतरे में डालने के बराबर है.

कोरोना काल में बीएड (BEd), जेईई (JEE), नीट (NEET) की परीक्षा छात्र-छात्राओं को बड़ी परेशानी में डाल सकती है. सरकार इन परीक्षाओं को अनुकूल परिस्थिति होने तक तत्काल स्थगित करे.

शुक्रवार यानी 7 अगस्त को कई राज्यों के कम से कम 11 छात्र जेईई मेन (JEE Main) 2020 और नीट (NEET) 2020 परीक्षा के स्थगित करने की याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे. याचिका में कहा गया है कि प्रवेश परीक्षा का आयोजन तब तक नही किया जाना चाहिए जब तक कोरोना वायरस (COVID19) की स्थिति नियंत्रण में हो और हालात सामान्य हों.

याचिका में यह भी कहा गया है कि परीक्षा आयोजित कराने का सरकार का फ़ैसला “पूरी तरह से मनमाना, छात्रों के मौलिक और जीवन के लिए सही नही” है.

याचिका में आगे कहा गया है, ऐसे समय मे जब पूरा भारत जानलेवा कोरोना वाइरस (Coronavirus) के ख़तरे से जूझ रहा है तब परीक्षा करना लाखों युवा छात्रों के जीवन को खतरे में डालने के अलावा और कुछ नहीं है.

हालाँकि इससे पहले छात्रों के माता-पिता के एक समूह ने एमएचआरडी (MHRD) को लिखते हुए अनुरोध किया कि कोरोना की स्थिति और पर्याप्त परीक्षा केंद्रों की कमी के कारण परीक्षा दिसंबर तक स्थगित कर दी जाए.

पत्र में कहा गया था कि पर्याप्त केंद्रों की कमी से उचित भौतिक दूरी प्रोटोकॉल को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा.

जेईई मुख्य (JEE Main) परीक्षा जो पहले अप्रैल में आयोजित होने वाली थी, जुलाई के लिए स्थगित कर दी गई थी और फिर अब 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जानी है. नीट (NEET) 2020 पहले मई के लिए निर्धारित किया गया था, फिर जुलाई के लिए स्थगित कर दिया गया था और अब 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी.

Also Read: Air India Plane Crash: पायलट, को-पायलट समेत 15 की मौत