आई॰आई॰टी॰ मद्रास (IIT Madras) में पढ़ने वाली 19 वर्षीय फातिमा लतीफ (Fathima Latheef) ने शनिवार को अपने कमरे के पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली. कोल्लम मूल निवासी फातिमा लतीफ आई॰आई॰टी॰ मद्रास (IIT Madras) में प्रथम वर्ष की छात्रा थी.

फातिमा के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने अपने संकाय सदस्य, सुदर्शन पद्मनाभन (Sudarsan Padmanabhan) के द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बाद यह कदम उठाया.

“सुदर्शन पद्मनाभन मेरी मृत्यु का कारण है”, फातिमा ने एक सुसाइड नोट में लिखा.

सुदर्शन IIT मद्रास में दर्शनशास्त्र, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे हैं.

जब उनके विभाग प्रमुख उमाकांत दास से इस बारे मे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मृत्यु क्यों हुई यह अभी भी हमारे लिए एक रहस्य बना हुआ है.

फातिमा के परिवार ने जातिवाद और धार्मिक भेदभाव आत्महत्या का कारण बताया है. परिवार ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम समुदाय से संबंधित होने के कारण उन्हें ताना मारा जाता था.

“मेरी बेटी को जातिवादी और धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। पहले उसने कहा कि उसका नाम (मुस्लिम नाम) खुद एक समस्या है ”, अब्दुल लतीफ ने बताया.

पुलिस ने फातिमा के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है और नोट में, उसने कुछ शिक्षकों और छात्रों को यातना और उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया, ”कोल्लम के मेयर वी राजेंद्रबाबू ने कहा.

हालांकि जांच अभी चल रही है, पुलिस को संदेह है कि फातिमा ने आत्महत्या आंतरिक परीक्षा में कम अंक आने के कारण की. सेलफोन पर सुसाइड नोट्स पाए गए थे सेल फोन फिलहाल पुलिस के पास ही है.

उनके माता-पिता ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को बेटी की आत्महत्या के बारे में एक याचिका दी.  परिवार ने मामले में एक स्वतंत्र और तत्काल जांच की मांग की.

हालाँकि, बैठक के बाद, अब्दुल लतीफ़ ने मीडिया से कहा कि वे बातचीत से संतुष्ट हैं. सीएम ने हमें हर मुमकिन सहायता का आश्वासन दिया है. सीएम ने कहा कि केरल सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी.

पिता अब्दुल लतीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को भी पत्र लिखा और न्याय की अपील की.