बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरे कॉलोनी को वन क्षेत्र घोषित करने और वहां पेड़ काटने संबंधी बी.एम.सी. (BMC) के एक फैसले को रद्द करने को लेकर दायर याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया।

अदालत ने यह कह कर याचिका खारिज कर दिया, ‘यह मामला सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में लंबित है। इसलिए हम याचिका को एक जैसा मामला होने के कारण खारिज कर रहे हैं, न कि गुण-दोष के आधार पर।’

कोर्ट द्वारा मुंबई के आरे कॉलोनी को जंगल घोषित करने की सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद शुक्रवार देर रात को पेड़ काटने का काम शुरू हो गया. हालांकि, कुछ देर में ही प्रदर्शनकारी भी वहां पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की.

प्रदर्शनकारीयों का दावा है कि बी.एम.सी. (BMC) के नियमों के अनुसार सूर्यास्त के बाद किसी भी पेड़ को काटने का काम नहीं किया जा सकता है.

ट्विटर पर प्रदर्शनकारीयों ने #SaveAareyForest के नाम से हैशटैग चलाया और विरोध प्रदर्शन का वीडियो-तस्वीरों को तेजी से शेयर कर रहे हैं.

आख़िर क्या है विवाद?

मुंबई के आरे क्षेत्र में मेट्रो कार शेड बनना है, जिसके लिए आरे के 2,700 पेड़ काटने पड़ेंगे. जिसका स्थानीय लोग और
पर्यावरण कार्यकर्ता मुंबई की सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं. कई मशहूर हस्तियों ने पेड़ काटने का विरोध किया है.

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