Bilkis Bano के दोषियों की रिहाई पर Supreme Court ने लगाई रोक। कहाः गुजरात सरकार ने किया सत्ता का ग़लत इस्तेमाल

इस जघन्य अपराध के 11 दोषियों की माफी याचिका पर हुई रिहाई के ख़लाफ़ 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दो याचिकाएं दाख़िल की गई थीं।

Bilkis Bano के दोषियों की रिहाई पर Supreme Court ने लगाई रोक। कहाः गुजरात सरकार ने किया सत्ता का ग़लत इस्तेमाल
Bilkis Bano के दोषियों की रिहाई पर Supreme Court ने लगाई रोक। कहाः गुजरात सरकार ने किया सत्ता का ग़लत इस्तेमाल

SUPREME COURT REJECTS REMISSION OF BILKIS BANO CONVICTS: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुजरात 2002 दंगों की गैंगरेप पीड़िता बिलकिस बानो (Bilkis Bano) के 11 दोषियों की सज़ा ख़त्म होने से पहले हुई रिहाई पर रोक लगा दी है। फैसला आने के बाद बिलकिस ने कहा कि “असल में मेरे लिए आज नया साल शुरू हुआ है। मेरी आंखें राहत के आंसुओं से भीग गई हैं”।

Supreme Court ने की तल्ख़ टिप्पड़ीः

जस्टिस बीवी नागरत्ना (B. V. Nagarathna) और जस्टिस उज्जल भुइयां (Ujjal Bhuyan) की बेंच ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि:

पीड़ित की तकलीफ की भी चिंता करनी होगी। गुजरात सरकार को रिहाई का फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं है। वो दोषियों को कैेसे माफ कर सकती है। राज्य सरकार ने अपनी सत्ता और ताकत का ग़लत इस्तेमाल किया है। सुनवाई महाराष्ट्र में हुई तो रिहाई का फैेसला भी वहीं की सरकार करेगी। जिस राज्य मेँ अपराधी पर मुकदमा चलाकर सज़ा सुनाई जाती है, माफी याचिका पर सुनवाई भी वहीं होती है। 

दोषियों की रिहाई रद्द होने का फैसला आने के बाद बिलकिस बानो के घर के बाहर पटाखे फोड़ कर जश्न मनाया गया:

2022 में बिलकिस (Bilkis Bano) ने दाखिल की थी याचिका: 

इस जघन्य अपराध के 11 दोषियों की माफी याचिका पर हुई रिहाई के ख़लाफ़ 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दो याचिकाएं दाख़िल की गई थीं। पहली याचिका में दोषियों की रिहाई को चुनौती देते हुए, उन्हें फौरन जेल भेजने की अपील की गई थी। वहीं दुसरी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी, जिसमें इन 11 दोषियों की रिहाई पर फैसला लेने का हक़ गुजरात सरकार को दिया था।

अगस्त 2022 में बिलकिस बानो के दोषियों के जेल से बाहर आने के बाद विएचपी ने फूल माला पहनाकर  उनका स्वागत किया था।
अगस्त 2022 में बिलकिस बानो के दोषियों के जेल से बाहर आने के बाद विएचपी ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी दोषियों को 2 हफ्ते में सरेंडर करने का हुक्म दिया है। कोर्ट के इस फैसले का बिलकिस (Bilkis Bano) समेत हर आम नागरिक स्वागत कर रहा है। इस्से ये भी साबित हो गया कि देर हो या सवेर, न्याय की जीत ज़रूर होती है।   


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