अगस्त 2018 में नई दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बाहर पूर्व जे॰एन॰यू॰ छात्र उमर खालिद को गोली मारने की कोशिश की गयी थी. इस कथित तौर पर असफल हमले में शामिल थे नवीन दलाल और अन्य आरोपी, दरवेश शाहपुर. बंदूक की गोली लगने के बाद खालिद बच गए.

दलाल और शाहपुर फरार हो गए, जब उन्होंने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह हमला “राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता दिवस का उपहार” था. इसके बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

21 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बहादुरगढ़ से शिवसेना ने नवीन दलाल को अपना उम्मीदवार चुना है.

ख़ुद को गौ रक्षक बताने वाले, दलाल ने बताया कि वह छह महीने पहले ही शिवसेना में शामिल हो गए थे क्योंकि “राष्ट्रवाद और गौ रक्षा” पर उनकी विचारधाराएं मेल खाती हैं. “हम एक ही लड़ाई लड़ रहे हैं – राष्ट्रवाद, गौ रक्षा और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान के लिए”, नवीन ने कहा.

29 वर्षीय दलाल ने द इंडियन एक्सप्रेस के एक इंटर्व्यू में कहा, बीजेपी और कांग्रेस का किसानों, शहीदों, गायों या गरीबों से कोई लेना-देना नहीं है. वे सिर्फ राजनीति में रुचि रखते हैं”.

अपने चुनावी हलफनामे में, दलाल ने कहा है कि उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले लंबित हैं, जिसमें खालिद पर हमले के संबंध में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एफआईआर भी शामिल है.

दलाल फिलहाल अभी जमानत पर है और मामला सत्र अदालत के समक्ष लंबित है.

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