Ayodhya के Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha को पद्मश्री से नवाज़ा गया
Ayodhya के Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha को पद्मश्री से नवाज़ा गया

Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha को मिला पद्मश्री: Ayodhya (अयोध्या) शहर के समाज सेवक Mohammad Shareef को राष्ट्रपति Ram Nath Kovind (रामनाथ कोविन्द) ने सोमवार को देश के प्रसिद्ध नागरिक सम्मानों में से एक, पद्मश्री पुरस्कार से नवाज़ा। आपको बता दें की शरीफ जी को पद्मश्री देने की घोषणा साल 2020 में दी गई थी किन्तु पुरस्कार समारोह कोरोना की वजह से टालना पड़ा था।

Mohammad Shareef Receiving Padma Shree From President Ram Nath Kovind:
Mohammad Shareef Receiving Padma Shree From President Ram Nath Kovind:

Shareef Chacha को पुरस्कार देते हुए तस्वीर को साझा करते हुए राष्ट्रपति Ram Nath Kovind (रामनाथ कोविन्द) के आधिकारिक twitter handle ने लिखा,

राष्ट्रपति कोविंद ने सामाजिक कार्य के लिए श्री मोहम्मद शरीफ को पद्मश्री प्रदान किया। वह एक साइकिल मैकेनिक से सामाजिक कार्यकर्ता बने हैं। वह पूरी गरिमा के साथ सभी धर्मों के लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करते हैं।

25,000 लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं Mohammad Shareef:

Mohammad Shareef जो की सामाजिक कार्यकर्ता से पहले एक साइकिल मिकैनिक थे, इसलिए काफी प्रसिद्ध हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपने सामाजिक कार्य के जीवन में लगबभग 25,000 लावारिस लाशों का उनके धर्मानुसार अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने ये नेक काम तब शुरू किया, जब साल 1993 में Shareef के बड़े बेटे Mohammad Rais Khan की सुल्तानपुर जाते समय हत्या कर दी गई थी। उनकी लावारिस लाश को आवारा जानवरों ने बर्बाद कर दिया था और शरीफ जी को अपने बेटे की मौत का पता तब चला, जब एक महीने बाद पुलिस उनके बेटे के कपड़े में लगे tailor (दर्ज़ी) के टैग की मदद से अयोध्या पहुंची। इसी हादसे के बाद से Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha ने ठाना की वो ऐसी लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार खुद करेंगे।

Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha:
Mohammad Shareef उर्फ Shareef Chacha:

वो लावारिस लाशों की तलाश में अक्सर पुलिस स्टेशन, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और मुर्दा घर जाया करते और पुलिस 72 घंटे के इंतिज़ार के बाद उन्हे लावारिस लाशें सौंप देती थी। अयोध्या-फैज़ाबाद शहर और उसके आस पास के इलाकों में उन्होंने लगभग 25,000 लावारिस लाशों (unclaimed bodies) का अंतिम संस्कार किया।


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Faraaz
Journalism Student | iamfhkhan@gmail.com | + posts

Faraaz is pursuing Mass Communication & Journalism from BBD University Lucknow.