SEO kya hota hai: SEO क्या है, आसान भाषा में समझें

SEO Kya Hota hai: SEO क्या है और यह Blog के लिए क्यूँ ज़रूरी है? आसान भाषा में कहें तो यह आपकी वेबसाइट का ट्रैफिक बढ़ा सकता है.

SEO kya hota hai
SEO kya hota hai

SEO Kya Hota hai: SEO क्या है और यह Blog के लिए क्यूँ ज़रूरी है? आसान भाषा में कहें तो यह आपकी वेबसाइट का ट्रैफिक बढ़ा सकता है.

SEO kya hota hai

क्यूँकि आप चाहे कितनी भी अच्छी article लिख लें अगर आपका article ठीक तरीके से rank नहीं हुआ है तब उसमें traffic आने की संभावनाएं न के बराबर होती है. ऐसे में writers की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है.

आज के इस digital युग में अगर आपको लोगों के सामने आना है तब Online ही वो एकमात्र ज़रिया है जहां आप एक साथ करोड़ों लोगों के सामने अपनी उपस्तिथ दर्ज करा सकते हैं.

आप खुद video के माध्यम से या फिर अपने लिखित content के द्वारा लोगों तक अपनी बात पंहुचा सकते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए आपको Search Engines के पहले pages में आना होगा क्यूंकि यही वो pages हैं जिन्हें visitors ज़्यादा पसंद करते हैं और trust भी करते हैं.

लेकिन यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं है क्यूंकि इसके लिए आपको अपने Articles का सही ढंग से SEO करना होगा। मतलब की उन्हें सही तरीके से Optimized करना होगा जिससे वो Search Engine में rank कर सके. और इसकी प्रक्रिया को ही SEO कहते हैं. इसलिए आपका ये जानना बहुत ज़रुरी है कि SEO kya hota hai

आज इस article में हम SEO किसे कहते हैं (What is SEO in Hindi) और कैसे करे के विषय में जानकारी देंगे.

SEO kya hota hai: What is SEO in Hindi

SEO का फुल फॉर्म है Search Engine Optimization. यह एक ऐसी तकनीक है जो वेबसाइटों को Google, Bing या Yahoo जैसे सर्च इंजनों में सबसे ऊपर रैंक करने में मदद करती है. हम कह सकते हैं कि SEO एक वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने की प्रक्रिया है ताकि यह सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERPs) में अच्छी रैंक करे और सर्च इंजन से traffic generate करे. इस प्रक्रिया में ऑन-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन, ऑफ़-पेज ऑप्टिमाइज़ेशन, लिंक बिल्डिंग और कीवर्ड रिसर्च जैसी विभिन्न तकनीकें होती हैं.

SEO kya hai

Search Engine क्या है ये हम जानते ही हैं. जब बात सर्च इंजन की हो रही है तब आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की, Google पूरी दुनिया का सबसे popular search engine है. इसके अलावा Bing, Yahoo जैसे और भी search engine मौजूद है. SEO की मदद से हम अपने blog को सभी search engine पर No.1 position पर ला सकते हैं.

मान लीजिये हम Google में जाकर कुछ भी keyword search करते हैं तो उस keyword से related सभी contents आपको Google दिखा देता है. ये contents जो हमे नज़र आते हैं वो सभी अलग अलग blog से आते हैं.

जो result हमे सबसे ऊपर दिखाई देता है वो Google में No.1 rank पर होता है तभी वो सबसे ऊपर होता है. No.1 पर है मतलब की उस blog में SEO का बहुत अच्छी तरीके से इस्तेमाल किया गया है जिससे की उसमे ज़्यादा visitors आते हैं और इसी वजह से वो blog गूगल के पहले पेज पर आने से फेमस हो गया है.

SEO का फुल फॉर्म क्या है?

SEO का फुल फॉर्म है “Search Engine Optimization“. एसईओ का हिंदी रूपान्तरण “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन“ होता है.

SEO के लिए ज़रूरी चीजें

  • हाई क्वालिटी कॉन्टेंट
  • वेबसाइट की टेक्निकल हेल्थ
  • लिंक बिल्डिंग
  • वेबसाइट की अच्छी ओपन स्पीड
  • वेबसाइट पर आसान नेविगेशन

SEO Blog के लिए क्यों ज़रूरी है?

SEO Kya Hota Hai
SEO Kya Hota Hai

आप ने जान लिया की SEO क्या है, चलिए अब जानते हैं की ये blog के लिए क्यूँ ज़रूरी होता है. अपने website को लोगों तक पंहुचाने के लिए हम SEO का इस्तेमाल करते हैं.

Digital Marketing में एसईओ (SEO) का फुल फॉर्म ‘Search Engine Optimization‘ होता है,जिसका हिन्दी में मतलब ‘सर्च इंजन अनुकूलन‘ है यानी अपने कॉन्टेंट को Google जैसे सर्च इंजन के लिए अनुकूल बनाना. एक website में किसी भी सर्च इंजन से अधिक से अधिक ट्रॉफिक लाने के लिए वेबसाइट के कॉटेंट को optimize करना होता है, जिससे Google search engine से free व unique, traffic लाया जा सके. यह दो तरह से किया जाता है. On-page SEO व Off – page SEO.

मान लीजिये आपने एक website बनाया और उसमे high quality contents भी publish कर दिया लेकिन अगर आपने SEO का इस्तेमाल नहीं किया तो आपकी website लोगों तक नहीं पहुंच पाएगी और आपके website बनाने का भी कोई फायेदा नहीं मिलेगा.

अगर हम SEO का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो जब भी कोई user कोई keyword search करेगा, तो आपकी website में उस keyword से सम्बंधित अगर कोई content मौजूद है तब भी user आपकी website को access नहीं कर पाएगा.

ऐसा इसलिए क्यूंकि search engine आपकी site को सर्च नहीं कर पायेगा न ही आपकी website के content को अपने database पर store कर पाएगा. जिससे आपकी website में traffic आना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा. इसलिए आपकी साइट में सही ढंग से SEO करना बहुत ही ज़रूरी होता है.

SEO को समझना कोई मुश्किल काम नहीं है अगर आपने इसे सीख लेंगे तो अपने blog को बहुत ही बेहतर बना सकते हैं और उसकी value search engine में बढ़ा सकते हैं.

SEO को सीख लेने के बाद जब उसका इस्तेमाल आप अपने blog के लिए करते हैं तो आपको उसका result तुरंत नहीं दिखेगा इसके लिए आपको पेशेंस रख कर अपना काम करते रेहने होगा.

गूगल कॉन्टेंट को रैंक कैसे करता है?

क्रॉलिंग (Crawling) इंटरनेट पर मौजूद सभी वेबसाइट्स को गूगल क्रॉल (Crawl) करता है. क्रॉलिंग के लिए गूगल बॉट्स (Bots) का इस्तेमाल करता है.

इंडेक्सिंग (Indexing) गूगल के बॉट्स पेज को खोजते हैं और उन पर कौन सी जानकारी है यह समझने की कोशिश करते हैं. गूगल उस पेज पर मौजूद टेक्स्ट, इमेज और मीडिया फाइल्स को समझता है और फिर उसे गूगल के डेटाबेस (Database) में स्टोर करता है या कह लीजिए कि इंडेक्स करता है.

सर्विंग (Serving)  यूज़र के सवाल के जवाब में गूगल अपने डेटाबेस से संबंधित पेज को निकालकर बाहर रिजल्ट पेज पर दिखाता है. जिसे सर्च इंजन रिजल्ट पेज भी कहते हैं.

यहां दो चीजें इम्पॉर्टेंट हैं. एक वेबसाइट ओनर जो कि ट्रैफिक चाहता है और दूसरा यूज़र जो कॉन्टेंट चाहता है.

बीच में गूगल है जो मीडिएटर है जो यूज़र के मुताबिक़ चीज़ें सर्व करता है. गूगल की ज़िम्मेदारी यूज़र के प्रति ज़्यादा है. गूगल यूज़र के बिहैवियर और इंटेंट को समझकर हर साल अपने एल्गोरिथम में हज़ारों बदलाव करता है. बहुत से बदलाव तो बिना बताए हर रोज हो जाते हैं. लेकिन जब भी गूगल कुछ बड़े बदलाव करता है तो वो जानकारी देता है.

सर्च इंजन रैंकिंग पेज पर कॉन्टेंट की ऑडरिंग या रैंकिंग के लिए गूगल कुछ बातों का ख्याल रखता है.

Relevancy

गूगल के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वो वही दिखाए जो यूजर खोजना चाहता है. कुछ साल पहले तक गूगल किसी आर्टिकल के कीवर्ड्स के ज़रिए उसे समझता था और यूजर को शो करता था लेकिन अब गूगल लगभग पूरा आर्टिकल ही समझ लेता है.

Authority

यूजर को सही जानकारी मिले, इसके लिए गूगल रिजल्ट पेज पर शो करने से पहले इंडेक्स की गई वेबसाइट की अथॉरिटी भी चेक करता है. मान लीजिए कोई यूजर सर्च करता है कि पेट दर्द में कौन सी दवा खानी चाहिये तो गूगल उन ही वेबसाइट्स को रिजल्ट पेज पर शो करेगा जिस पर किसी डॉक्टर ने राय दी होगी या वो वेबसाइट पहले से स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर लिखती रही होंगी.

गूगल वेबसाइट की अथॉरिटी चेक करने के लिए कई तरह के एल्गोरिथम का यूज करता है, जिसमें से एक है बैकलिंक्स. यानी वो साइट या वो वेबपेज जिसे ज़्यादा लोग रेफ़र करते हैं उसे गूगल भरोसेमंद मानता है.

SEO के प्रकार – Types of SEO in Hindi

SEO दो प्रकार के होते हैं, एक होता है Onpage SEO और दूसरा होता है Offpage SEO. तो आइए जानते है इनके बारे में

  • On-Page SEO
  • Off-Page SEO
  • Local SEO

1. On-Page SEO क्या है?

On page SEO का काम होता है आपकी website को ठीक तरह से design करना जो की SEO friendly हो.

SEO के rule को follow कर के आप अपनी website में template का इस्तेमाल करना. बढ़िया contents लिखना और उनमे अच्छे keywords का इस्तेमाल करना जो search engine में सबसे सर्च किए जाते हों.

Keywords का इस्तेमाल page में सही जगह करना जैसे TitleMeta descriptioncontent में keyword का अच्छे से इस्तेमाल करना इससे Google को जानने में आसानी होती है की आपका content किस सब्जेक्ट के ऊपर लिखा गया है और जल्दी आपकी website को Google page पर rank करने में मदद करता है जिससे आपके blog का  traffic बढ़ जाता है.

On Page SEO कैसे करे?

यहाँ पर हम कुछ ऐसी टेक्निकल स्किल्स आपको बताएंगे जिसकी मदद से आप अपने Blog या Website का On Page SEO अच्छे तरीके से कर पाएंगे.

1. Website Speed
Website speed, SEO की दृष्टिकोण से एक बहुत ही ज़रूरी फैक्टर है. एक survey में पाया गया है की एक Visitor ज़्यादा से ज़यादा 5 से 6 seconds ही किसी blog या website पर रुकता है.

अगर आपकी website इस समय के भीतर नहीं खुला तब वो उसे छोड़ दूसरी वेबसाइट पर Migrate कर जाता है. और ये बात Google के लिए भी लागू होती है क्यूंकि अगर आपका Blog जल्दी नहीं खुला तब एक negative signal Google के पास पहुंचता है की ये blog उतनी अच्छी नहीं है या ये ज़यादा fast नहीं है. तो जितना हो सके अपनी साईट की स्पीड अच्छी रखें.

अपनी blog या website की speed fast कैसे करें

  • Simple theme का इस्तमाल करें
  • Image का size कम-से-कम रखें
  • ज़्यादा plugins का इस्तेमाल न करें
  • W3 Total cache और WP super cache plugins का इस्तमाल ज़रूर करें

2. Website की Navigation
आपकी website पर इधर-उधर जाना आसान होना चाहिए जिससे कोइ भी visitor और Google को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में कोई परेशानी ना हो. जितना सिंपल Website का Navigation होगा उतनी ही सर्च engine को भी आसानी होगी साइट को navigate करने में.

3. Title Tag
अपनी website में टाइटल टैग बहुत ही अच्छा बनाए जिससे कोइ भी visitor उसे पढ़े तो उसे जल्द से जल्द आपके टाइटल पर Click कर दे इससे आपका CTR भी increase होगा.

कैसे बनायें अच्छे Title Tag : अपने Title में 65 word से ज्यादा Words का इस्तमाल न करें क्यूंकि Google 65 words के बाद google search में title tag show नही करता है.

4. Post का URL कैसे लिखें
हमेशा अपने post का url simple और छोटा ही लिखा करें.

5. Internal Link
ये अपने Post को rank करने के लिए एक बेहतरीन तरीका होता है. इससे आप अपने Related Pages को एक दूसरे के साथ Interlink कर सकते हैं. इससे आपके सभी Interlinked pages आसानी से rank हो सकते हैं.

6. Alt Tag
अपने Website के post में images का इस्तमाल ज़रूर करें क्यूंकि images से आप बहुत सारा traffic पा सकते हैं इसलिए image का इस्तमाल करते समय उसमें ALT TAG लगाना ना भूलें.

7. Content, Heading और keyword
जैसे की हम सभी जानते हैं Content को King भी कहा जाता है और जितना अच्छा आपका Content होगा उतने अच्छे site की valuation होगी. इसलिए कम से कम 300 words से ज़्यादा words के Content ज़रूर लिखें.

कभी भी किसी दूसरे का कंटेंट कॉपी-पेस्ट न करें.

Heading: Headings का SEO पर बहुत ज़्यादा प्रभाव पड़ता है. Article का Title H1 होता है और इसके बाद के Sub head को आप H2, H3 इत्यादि का इस्तेमाल कर के यूज़ कर सकते हैं. इसके साथ आप focus keyword का ज़रूर इस्तमाल करें.

Keyword : आप Article लिखते समय LSI Keyword का इस्तमाल करें. इससे आप लोगों के Searches को आसानी से link कर सकते हैं।. इसके साथ important keywords को BOLD करें जिससे की Google और Visitors को ये पता चले की ये जरुरी Keywords हैं और उनका ध्यान इसके तरफ आकर्षित हो.

2. Off-Page SEO क्या है?

Off Page SEO का सारा काम blog के बाहार का होता है. Off page SEO में हमे अपने blog का promotion करना होता है जैसे बहुत से popular blog में जाकर उनके article पर comment करना और अपनी website का link submit करना इसे हम backlink कहते हैं. Backlink से website को बहुत ज़्यादा फ़ायदा मिलता है.

Social Media जैसे Facebook, X, Quora पर अपने website का attractive page बनाइये और अपने followers बढाइये इससे आपके website में ज्यादा visitors बढ़ने के chances होते हैं.

बड़े बड़े blogs में जो बहुत ही मशहूर हैं उनके blog पर guest post submit करिए इससे उनके blog पे आने वाले visitors आपको जानने लगेंगे और आपकी website पर traffic आना शुरू हो जाएगा.

Off Page SEO कैसे करे?

अब हम आपको बताएंगे कि ऑफ़ पेज एसईओ कैसे किया जाता है

Search Engine Submission: अपनी वेबसाइट को सही तरीके से सारे सर्च इंजन में submit करना चाहिए.

Social Media: अपनी blog या website का page और Social Media पर Profile बनाना चाहिए और अपनी वेबसाइट का link Ad करदो like फेसबुक, twitter, LinkedIn आदि पर.

Bookmarking: अपनी blog या website के page और post को Bookmarking वाली वेबसाइट में submit करना चाहिए.

Pin : आप अपनी Website के image को pinterest पर पोस्ट कर सकते हैं यह एक बहुत अच्छा तरीका है traffic बढ़ाने का.

Directory Submission: अपनी blog या website को popular high PR वाली Directory में submit करना चाहिए.

Classified Submission: Free Classified Website में जाकर अपनी वेबसाइट का फ्री मे advertise करना चाहिए.

Guest Post: आप अपनी वेबसाइट से Related ब्लॉग पर जाकर Guest Post कर सकते हैं यह सबसे अच्छा वे है जहाँ से आप do-follow link ले सकते हैं और वो भी बिलकुल सही तरीके से.

Blog Commenting : अपने Blog से Related ब्लॉग पर जाकर उनके पोस्ट में कमेंट कर सकते हैं और अपनी website का link लगा सकते हो (link वही लगाना चाहिए जहाँ website लिखा होता है)

Q & A site: आप question and answer वाली वेबसाइट में जाकर कोई भी question कर सकते हो और अपनी साईट का लिंक लगा सकते हों.

टेक्निकल एसईओ (Technical SEO) क्या है

टेक्निकल एसईओ का मतलब है कि आपकी साइट गूगल के लिए क्रॉलेबल हो. यानी सर्च इंजन आसानी से आपकी वेबसाइट ढूढ़ पाए, क्रॉल कर पाए, इंडेक्स कर पाए. टेक्निकल एसईओ के लिए ये ज़रूरी चीजें हैं –

  • पेज स्पीड (Page Speed)
  • मोबाइल फ्रेंडली साइट (Mobile Friendly Site)
  • यूजर एक्सपीरिएंस (User Friendly)

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उम्मीद करते हैं कि आपको समझ आ गया होगा SEO kya hota hai, Seo kya hai और क्यों ज़रुरी होता है.