महाराष्ट्र: शिवसेना ने सरकार बनाने को लेकर भाजपा पर अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि वह 18 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर दिल्ली में एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक में शामिल ना होने का निर्णय किया है. राउत ने कहा कि पार्टी 17 नवंबर को एनडीए की बैठक में शामिल नहीं होगी, तो वहीं विनायक राउत ने कहा कि वे भी शामिल नहीं रहे हैं क्योंकि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया.

बता दें, 17 नवंबर को, सेना के संस्थापक बाल ठाकरे की पुण्यतिथि भी है. शिवसेना ने भाजपा पर “राष्ट्रपति शासन की आड़ में सौदेबाज़ी का आरोप लगाया है.

महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच सियासी दावपेच में शिवसेना बाजी मारती दिख रही है.
शिवसेना ,एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार महाराष्ट्र में बनाना लगभग तय है. तीनों पार्टियों
के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) के तहत सरकार बनाने का निर्णय किया है, जिसमे पांच साल
के लिेए शिवसेना का सीएम सरकार में रहेगा और एक एक डिप्टी सीएम एनसीपी और कांग्रेस दोनो
पार्टियो के होंगे साथ ही मंत्रीमडंल में भी शिवसेना और एनसीपी के 14-14 मंत्री और कांग्रेस के 12 मंत्री
शामिल किए जा सकते हैं.

महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन ? आदित्य या उद्धव ?

24 अक्तूबर को महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में
कई उतार चढ़ाव देखने को मिले. सबसे ज्यादा सीटों के साथ शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार बनाने
वाली थी. लेकिन गठबंधन की सहयोगी पार्टी शिवसेना के तेवर भाजपा को रास नही आए. जहां एक
ओर शिवसेना सरकार में 50-50 फॉरमूले पर मुख्यमंत्री पद के लिए ढ़ाई-ढ़ाई साल के सत्ता संचालन की
बात कर रही थी तो वहीं बीजेपी मुख्यमंत्री पद के इस फॉरमूले को लागू करने के पक्ष में नही थी ,पार्टी
के अनुसार गठबंधन में कही भी सीएम पद को लेकर चुनाव पूर्व कोई बातचीत नही हुई थी.

शिवसेना ने इस पर नाराजगी जताते हुए बीजेपी पर झूठ बोलने और सत्तालोभी होने का आरोप लगाया और
गंठबंधन से नाता तोड़ लिया. गौरतलब है कि 25 अक्तूबर को मुंबई में कई जगह उद्धव ठाकरे के बेटे
और शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे के पोस्टर मुम्बई में जगह जगह लगे मिले जिसेमें उनके महाराष्ट्र
के मुख्यमंत्री बनने के बधाई संदेश लिखे थे. अब जब शिवसेना ने अपने 30 साल पूराने गठबंधन को
त्याग कर कांग्रेस एनसीपी का दामन थाम लिया है तो देखना ये भी दिलचस्प होगा कि क्या मु्ख्यमंत्री
पद के लिए आदित्य ठाकरे का नाम फिर से सामने आएगा या खुद उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम
बनेंगे.

बुद्धिजीवियों के अनुसार आदित्य ठाकरे युवा हैं और एक युवा मुख्यमंत्री की सरकार बनना
किसी भी राज्य के लिए अच्छे संकेत हो सकते हैं लेकिन महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों
और मौजूदा गठबंधन को देखते हुए शिवसेना आदित्य ठाकरे के मु्ख्यमंत्री दाव से बचती नजर आ सकती
है. ऐसे में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले सीएम हो सकते हैं.