Payal Tadvi आत्महत्या मामले में तीनों आरोपी गिरफ्तार

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुंबई में डॉ पायल तडवी (Payal Tadvi) की आत्महत्या के आरोपी तीनो सीनियर, डॉ हेमा आहूजा, डॉ अंकिता खंडेलवाल और डॉ भक्ति मेहरा  को गिरफ्तार कर लिया गया है. BYL नायर अस्पताल के स्त्री रोग और प्रसूति विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा पायल तडवी ने कथित रूप से अत्यधिक उत्पीड़न झेलने और जातिवादी टिप्पणी सुनने के बाद अपना जीवन समाप्त कर लिया था.

जबकि पुलिस ने डाक्टर भक्ति मेहारे को मंगलवार दोपहर बाद ही गिरफ्तार कर लिया था. और अन्य दो आरोपी – डाक्टर आहूजा और  डाक्टर खंडेलवाल फरार थीं.

तीनों सीनियर को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा. उन सभी को एससी / एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, आईपीसी की धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और महाराष्ट्र रैगिंग निषेध अधिनियम, 1999 के तहत दर्ज एफआईआर में नामित किया गया है.

उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते हुए डॉक्टरों ने महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) को लिखे एक पत्र में लिखा, “अगर भारी काम के बोझ को रैगिंग का नाम दिया जाता है, तो हम सभी की रैगिंग की जा रही है.”

प्रारंभिक जांच के अनुसार, ख़ुदकुशी से कुछ घंटे पहले, तडवी को ऑपरेशन थियेटर में सबके सामने डांटा गया था और जिसके बाद वो वहाँ से रोटी हुई चली गयीं.

पायल के पति सलमान और मां आबिदा सलीम ने आरोप लगाया की आरक्षण के माध्यम से प्रवेश पाने के लिए उन्हें परेशान किया गया, और उनकी काबिलियत पर भी सवाल उठाया गया. उनका दावा है कि उसने अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों से कम से कम तीन बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.

तो वहीं, अस्पताल के डीन डॉ आर एन भारमल ने दावा किया है कि उन्हें “इस मामले के बारे में कभी सूचित नहीं किया गया.” उन्होंने कहा, “हमारे पास एक एंटी-रैगिंग सेल है, लेकिन दुख की बात है कि वह (payal tadvi) वहाँ क्यों नहीं गयी.”