उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गयी है. कमलेश को उनके ही ऑफिस में गला रेतकर हत्या कर दी गई. गला रेतने से पहले उन्हें गोली भी मारी गई थी. यह घटना लखनऊ के नाका थाने की है. कमलेश खुद को हिंदू महासभा का नेता बताते थे. पुलिस अभी इसे रंजिश का मामला मान रही है.

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कमलेश से ऑफिस में मुलाकात की और उनके साथ चाय भी पी. हत्यारे मिठाई का डिब्बा लिए हुए थे, जिसमें चाकू और असलहा छिपा था. बदमाशों ने कमलेश का गला रेत दिया और शरीर पर भी कई वार किए. इसके बाद घटना को अंजाम देकर फरार हो गए.

कमलेश को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा, ‘मौके से एक असलहा बरामद हुआ है, प्रथमदृष्टया किसी व्यक्तिगत रंजिश की बात लग रही है. यहां पर आरोपी उनसे मिलने आए थे परिचित भी लग रहे हैं, जिस तरह से उनका आना हुआ. चाय पीने के बाद उनकी हत्या हुई.  किसी परिचित के द्वारा रंजिश में घटना को अंजाम देने की संभावना व्यक्त की जा रही है.’

कमलेश तिवारी ने सीतापुर में अपनी पैतृक जमीन पर गोडसे का मंदिर बनाने का ऐलान किया था. कमलेश ने सीतापुर में अपनी पैतृक ज़मीन पर गोडसे का मंदिर बनाने का एलान किया था. राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुछ दिनों तक हिन्दू महासभा की तरफ से पक्षकार भी रहे.

कमलेश तिवारी ने दिसंबर, 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादित बयान दिया था. जिसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ था, विवादित बयान देने के चलते उनकी गिरफ्तारी हुई थी. कमलेश फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहे थे. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हाल ही में उन पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया था.

कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ने आईएसआईएस (ISIS) और इनाम राशी के ऐंगल को खारिज कर दिया है, और बतया यह केवल व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते हत्या हुई है.

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओ. पी. रावत ने कहा कि जिन लोगों ने कमलेश की हत्या की है वह उनके परिचित बताये जा रहे है. उन्होने कहा यह हत्या पूरी तरह से एक आपराधिक गतिविधि के चलते की गयी है. डेड बॉडी का पोस्ट मार्टम किया जा रहा है, और अपराधियों को हम 48 घंटो मे पकड़ लेंगे.