मध्‍य प्रदेश में भोपाल से भाजपा की लोकसभा उम्‍मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई.

बाबरी विध्‍वंस मामले में उनके विवादास्पद बयानों के बाद उन पर ये प्राथमिकी दर्ज की गई है.
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्रज्ञा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

शनिवार को टी. वी. चैनल ‘टीवी 9’ को दिए एक इंटरव्यू में प्रज्ञा ने कहा था कि वह 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने वाले लोगों में से थीं और इस पर उन्हें गर्व है.

‘‘राम मंदिर हम बनाएंगे और भव्य बनाएंगे, हम तोड़ने गये थे ढांचा, मैंने चढ़कर तोड़ा था ढांचा, इस पर मुझे भयंकर गर्व है। मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी, हमने देश का कलंक मिटाया है,” प्रज्ञा ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था.

राज्य के जिला निर्वाचन अधिकारी ने रविवार को प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नोटिस जारी किया और उन्‍हें अपनी टिप्‍पणियों के स्‍पष्‍टीकरण के लिए एक दिन का समय दिया था.

हालांकि आयोग उनके उत्तर से संतुष्‍ट नहीं है. इसलिए भोपाल के कमला नगर पुलिस थाने में आदर्श आचार संहिता का उल्‍लंघन करने के लिए प्रज्ञा के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गयी.

प्रज्ञा ने इससे पहले मुंबई एटीएस प्रमुख रहे हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था. और बाद में उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी भी मांग ली थी.

निर्वाचन आयोग ने करकरे के बारे में दिये गये विवादित बयान पर भी प्रज्ञा को शनिवार शाम को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था.