Fastag

टोल प्लाजाओं (Toll Plaza) पर टोल कलेक्शन सिस्टम से होने वाली परेशानियों का हल निकालने के लिए से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एनएचआई (NHAI) के देशभर में मौजूद करीब 250 टोल पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम (Electronic Toll Collection System) यानि फास्टैग (FASTag) शुरु हो जाएगा. फास्टैग सिस्टम की मदद से आपको टोल प्लाजा में टोल टैक्स देने के दौरान होने वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी.

हालाँकि, केंद्र सरकार ने टोल प्लाज़ा पर फास्टैग प्रक्रिया को अनिवार्य करने की तिथि अब 15 दिसंबर कर दी है. इससे पहले कार्यान्वयन की तारीख 1 दिसंबर तय की गयी थी. इसमें कहा गया है कि अब 1 दिसंबर के बजाय 15 दिसंबर से फास्टैग के बिना फास्टैग लेन में प्रवेश करने वाले वाहनों से दोहरा उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाएगा.

फास्टैग (Fastag) क्या है और कैसे काम करता है ?

फास्टैग चिप में एक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन, आरएफआईडी (RFID) लगा होता है. इस चिप को आप अपने चार पहिया वाहन के विंडस्क्रीन (Windscreen) पर चिपका देंगे. विंडस्क्रीन पर ही क्यो चिपकाया जाए इसके पीछे का तर्क यह है कि प्लाजा में लगे स्कैनिंग सेंसर को कुछ इस तरह से इंस्टॉल किया गया है कि वे आसानी से विंडस्क्रीन को स्कैन कर सके और ज्यादा गाड़ियाँ होने पर किसी का टोल किसी ओर गाड़ी में ना कट जाए. इस प्रक्रिया में जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास पहुंचती है, तो टोल प्लाजा में लगे सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के संपर्क में आते है उस प्लाजा पर लगने वाला शुल्क फास्टैग के अकाउंट से अपने आप काट लेगा और बिना टोल पर रूके आप अपना टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे.

कहां से प्राप्त करें फास्टैग और उसे जुड़ी धनराशि ?

फास्टैग प्राप्त करने के लिए आप किसी भी प्वाइंट ऑफ सेल, पीओएस (PoS) के अंदर आनेवाले टोल प्लाजा और एंजेसी में जाकर अपना फास्टैग स्टीकर और फास्टैग अकाउंट खुलवा सकते है. राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट में जा कर आप अपने आसपास के प्वाइंट ऑफ सेल की जगह का पता कर सकते है. इन पीओएस के अंदर कुछ बैंकें जैसे आईसीआईसीआई बैंक (ICICI), एक्सिस बैंक (Axis) आते है इनसे भी प्राप्त किया जा सकता है. रिचार्ज के लिए आप पेटीएम (Paytm) यूपीआई (UPI) जैसे एप्स का इस्तेमाल कर सकते है.

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