‪Jamia: आँसू गैस के गोले और लाठी चार्ज से कई छात्र घायल‬

Jamia Millia Islamia: जहाँ एक ओर देश भर मे परीक्षा का मौसम चल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर छात्रों और शिक्षकों को करना पड़ रहा है धरना प्रदर्शन. JNU, IIMC और Cotton University के बाद अब Jamia के छात्र ही नही बल्कि शिक्षकों भी करना पड़ रहा है प्रदर्शन.

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने गुरुवार से नागरिकता संशोधन विधेयक, Citizenship Amendment Bill (CAB) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स, National Register of Citizens (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

जामिया में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को हिंसक हो गया और छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. विरोध स्थल पर पथराव की खबरें थीं और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया.

पुलिस ने हिंसा की आशंका के चलते कैंपस के बाहर भारी बैरिकेड्स लगाकर मार्ग को बंद कर दिया और उन छात्रों को हिरासत में ले लिया जिन्होंने बैरिकेड्स को लाँगने की कोशिश की.छात्रों ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में संसद मार्ग पर मार्च निकालने की घोषणा की. हालांकि, उन्हें विश्वविद्यालय के पास रोक दिया गया जहां वे पुलिस से भिड़ गए. पुलिस और छात्रों की भिड़ंत में कई छात्र घायल भी हुए है.

एक पुलिसकर्मी के चोटिल होने की भी तस्वीर सामने आयी है.

सोमवार और मंगलवार को भी CAB के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन गुरुवार को लड़कों के साथ लड़कियाँ भी विरोध प्रदर्शन करती दिखी. उनका कहना है कि, छात्राओं द्वारा मार्च का आयोजन किया गया था, लेकिन उसमें कोई भी बाहरी संगठन शामिल नहीं था.

जामिया टीचर्स एसोसिएशन, Jamia Teachers Association (JTA) ने भी विधेयक की निंदा की थी. जेटीए सचिव माजिद जमील ने एक बयान में कहा, “सरकार ने बिल को विशेष रूप से मुसलमानों को लक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया है. जामिया ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महान और निर्णायक भूमिका निभाई थी. समय आ गया है कि राष्ट्र और संविधान की भावना की रक्षा करे ”.

जेटीए ने 13 दिसंबर को परिसर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और छात्रों ने भी इसका समर्थन किया.