दिल्ली पुलिस ने पुस्तकालय के अंदर छात्रों पर छोड़े आँसू गैस के गोले; कई छात्र गंभीर रूप से घायल

Jamia Millia Islamia: शांतिपूर्ण तरीक़े से किया जा रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को उग्र हो गया. जब छात्रों और स्थानीय लोगों ने जामिया नगर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हिंसा और आगजनी के दौरान “उपद्रवियों” द्वारा तीन सार्वजनिक बसों और एक दमकल की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया.

हालाँकि, छात्रों ने हिंसा से दूरी बनाते हुए कहा है कि इसे बाहरी लोगों ने अंजाम दिया था. वे अहिंसक तरीके से विरोध करते रहे हैं.

सूत्रों ने बताया के विरोध में हिंसा के दौरान, पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में प्रवेश किया और जामिया की पुस्तकालय में आँसू गैस के गोले छोड़े. सोशल मीडिया पर एक वीडियो में देखा जा सकता है कैसे आँसू गैस के गोले से पुस्तकालय में छात्रों को मुसीबत का सामना करना पड़ा.

कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, अनुमान लगाया जा रहा है कि सौ से ज़्यादा छात्र घायल हुए हैं. घायल छत्रों को पास के ही अस्पतालों में भरती कराया गया है. और कुछ छात्र शाम से लापता हैं.एक छात्र की मृत्यु की ख़बर उड़ी थी मगर पुलिस ने उसे अफ़वाह बताया.

वसीम अहमद खान, चीफ प्रॉक्टर, जामिया मिलिया इस्लामिया ने बताया कि, पुलिस बलों को परिसर में प्रवेश करने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी. हमारे कर्मचारियों और छात्रों को पीटा जा रहा है और परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

जामिया की वाइस चांसलर, नजमा अख़्तर ने समाचार अजेंसी PTI को बताया कि, पुस्तकालय के अंदर फँसे छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और पुलिस कार्रवाई को निंदनीय बताया.

कुछ छत्रों ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण छात्रों पर छापे के दौरान जामिया मिलिया इस्लामिया की मस्जिद में तोड़फोड़ भी की.

पुलिस का कहना है, कुछ “बाहरी” लोगों को पकड़ने के लिए विश्वविद्यालय के द्वार को बंद कर दिया गया था, उन्हें पकड़ने के लिए परिसर में प्रवेश किया गया था.

जामिया छात्र समुदाय और शिक्षक संघ, दोनों ने रविवार दोपहर विश्वविद्यालय के पास हुई हिंसा और आगजनी बयान जारी करते हुए  है कि हिंसा से उनका कोई लेना देना नहीं है. और वे शांतिपूर्ण तरीक़ेसे प्रदर्शन कर रहे थे.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को प्रदर्शन की वजह से ओखला अंडरपास से सरिता विहार तक के रास्ते पर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र पिछले तीन दिनों से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAB) और राष्ट्रीय नागरिक रजिसटर (NRC) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर युद्ध का मैदान बन गया जब विरोध दर्ज कराने के लिए संसद मार्च करने की कोशिश कर रहे छत्रों और पुलिस में झड़प हो गई.

छात्रों और पुलिस कर्मियों के बीच हुई झड़प में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए. कई छात्र अभी भी अस्पताल में भरती हैं.