विजयादशमी और एयरफोर्स डे के अवसर पर भारत को फ्रांस से पहला रफाल लड़ाकू विमान मिल गया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मेरीनेक में दसॉल्‍ट एविऐशन की उत्‍पादन इकाई में इसकी डिलिवरी ली.

राफेल के हैंडओवर समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह समारोह भारतीय वायु सेना के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है. उन्‍होंने कहा कि यह भारत और फ्रांस के बीच महत्‍वपूर्ण रणनीतिक भागीदारी का प्रतीक है.

यह समारोह ऐसे समय हुआ है जब भारतीय वायुसेना अपना स्‍थापना दिवस मना रही है और देश में आज विजयदशमी का त्‍यौहार भी मनाया जा रहा है. रक्षामंत्री ने इस अवसर पर शस्‍त्र पूजा कर और लड़ाकू विमान में उड़ान भारी.

“राफेल विमान के शामिल होने से एयरफोर्स की क्षमता में इजाफा होगा”, रक्षामंत्री ने कहा.

इससे पहले रक्षा मंत्री ने फ्रांस के राष्‍ट्रपति एमेनुअल मैक्रो से मुलाकात करते हुए भारत-फ्रांस रक्षा और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की. रक्षामंत्री ने भारत के महत्‍वपूर्ण रणनीतिक भागीदार के रूप में फ्रांस का स्‍वागत किया.

उन्‍होंने फ्रांस के सैन्‍य बलों की मंत्री सुश्री फ्लारेंस पार्ली और राष्‍ट्रपति के रक्षा सलाहकार एडमिरल बर्नाड रोगेल से भी मुलाकात की.

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि रक्षा मंत्री की फ्रांस के राष्‍ट्रपति से मुलाकात बहुत सार्थक और सौहार्दपूर्ण रही। इन नेताओं ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की.

श्री सिंह ने दोनों देशेां के बीच रणनीतिक भागीदारी बढ़ाने तथा मेक इन इंडिया मे सहयोग के लिए राष्‍ट्रपति मैक्रो को धन्‍यवाद दिया.

36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान भारत को मंगलवार को मिलेगा, लेकिन चार विमानों के इस पहले कन्साइन्मॅन्ट् को भारत पहुंचने में अगले साल मई तक इंतजार करना पड़ेगा. सभी 36 राफेल सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है.

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