Congress Inflation Protest: क्या सच में जनता को फर्क पड़ता है बढ़ती हुई महंगाई और विपक्ष के प्रदर्शन से
Congress Inflation Protest: क्या सच में जनता को फर्क पड़ता है बढ़ती हुई महंगाई और विपक्ष के प्रदर्शन से

Congress Inflation Protest: देश में महंगाई (Inflation) अपने चरम पर है इसमे कोई शक नहीं, लेकिन क्या आम जनता के मन में इसके कारण सरकार के प्रति आक्रोश या नाराज़गी है? काफी कहा जाता था की विपक्ष, खासकर से काँग्रेस (Congress) पार्टी और गांधी परिवार सड़क पर इस मुद्दे को लेकर सरकार को क्यों नहीं घेरते। कल यानि 5 अगस्त को कुछ ऐसा ही हुआ की काँग्रेस पार्टी के सभी प्रमुख नेता और कार्यकर्ता बढ़ती हुई महंगाई के विरोध में पीएम आवास का घेराव करने के लिए उतरे लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते ही सब को हिरासत में लेकर पुलिस कैम्प भेज दिया। फिर भी विपक्ष ने अपना काम कर लिया, जो की था मीडिया की ध्यान खींचना और जनता को याद दिलाना की विपक्ष नामक चीज़ इस लोकतंत्र में अभी जीवित है।

Congress Inflation Protest: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जमकर किया बवाल:

इस प्रदर्शन (Protest) से पहले काँग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक प्रेस वार्ता में भी सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने काफी समय बाद प्रेस वार्ता करी और इस दौरान उन्होंने सरकार से काफी सवाल पूछे, राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र की मौत हो रही है। जो देश ने 70 साल में बनाया उसको 8 साल में खत्म कर दिया गया है। आज देश में लोकतंत्र नहीं है, आज देश में 4 लोगों की तानाशाही है। हम महंगाई का मुद्दा उठाना चाहते हैं, समाज को बांटा जा रहा है। हम इसके खिलाफ चर्चा करना चाहते हैं और यह बात सांसद में उठाना चाहते हैं लेकिन हमें बोलने नहीं दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि चुनाव तो हिटलर भी जीत जाता था क्योंकि उसके कब्जे में सारी संस्थाएं थीं। राहुल ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र बस यादों में रह गया है। देश में तानाशाही चल रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने मीडिया से तंज कसते हुए कहा कि क्या आप तानाशाही के मजे ले रहे हैं?

दूसरी तरफ यूपी विधान सभा चुनावों (UP Assembly Elections) के बाद से नदारद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने भी अपनी ताकत दिखाई। कभी उन्होंने बैरिकेड को लांघा तो कभी पुलिस से भिड़ गईं। वो सड़क पर बैठकर नारे लगाते भी दिखीं और इतना ही नहीं एक समय ऐसा भी आया जब पुलिस को मजबूरन उन्हें घसीटकर ले जाना पड़ा।

प्रियंका गांधी प्रदर्शन के दौरान
प्रियंका गांधी प्रदर्शन के दौरान

इसके अलावा पार्टी के अन्य दिग्गज नेता जैसे दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda), मलिकार्जुन खड़गे (Malikarjun Khadge), अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) आदि ने भी इस प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

लेकिन क्या महंगाई से जनता को फर्क पड़ता है ?

अब आते हैं मुद्दे पे। क्या आम आदमी महंगाई को लेकर वर्तमान सरकार से नाराज़ है। फिलहाल तो ऐसे संकेत नहीं मिल रहे हैं। इंडिया टीवी (India TV) मैटराइज ने 2024 लोक सभा चुनाव को लेकर 512 सीटों का ओपिनियन पोल किया है, जिसके मुताबिक अगर आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी (BJP) 326 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अगर एनडीए की सीटें जोड़ दी जाएं तो ये आंकड़ा 350 के आस पास पहुंच जाएगा। यूपीए की 97 सीटों में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को 39 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं। इस opinion poll ने राजयानुसार लोक सभा सीटों का अनुमान लगाया गया है।

गुजरात: 26 में से 26 सीटें एनडीए के जीतने का अनुमान।

महाराष्ट्र: 48 में से 27 सीटें एनडीए, 11 सीटें यूपीए के जीतने का अनुमान।

गोवा: 2 में से दोनों सीटें एनडीए के जीतने का अनुमान।

राजस्थान: 25 में से सारी 25 सीटें एनडीए के जीतने का अनुमान।

मध्य प्रदेश: 29 में से 28 एनडीए, 1 सीट यूपीए के जीतने का अनुमान।

छत्तीसगढ़: 11 में से 10 एनडीए, 1 यूपीए के जीतने का अनुमान.

पश्चिम बंगाल: 42 में से 14 एनडीए, 2 यूपीए और 26 सीटें अन्य (टीमसी) के जीतने का अनुमान।

बिहार: 40 में से 35 एनडीए, 5 यूपीए के जीतने का अनुमान।

झारखंड: 14 में से एक 13 एनडीए, 1 यूपीए के जीतने का अनुमान।

ओड़िशा: 21 में से 11 एनडीए, 2 यूपीए, 8 सीटें अन्य को जीतने का अनुमान।

हिमाचल प्रदेश: 4 में से चारों सीटें एनडीए को जीतने का अनुमान।

पंजाब: 13 में से 3 एनडीए, 3 यूपीए और अन्य के 7 सीटें जीतने के अनुमान।

हरियाणा: 10 में से 9 एनडीए, 1 सीट यूपीए के जीतने का अनुमान।

उत्तर प्रदेश: 80 में से 76 सीटें, यूपीए को 2 और अन्य के 2 सीटें जीतने का अनुमान।

उत्तराखंड: 5 में से पांचों सीटें एनडीए के जीतने का अनुमान।

आंध्र प्रदेश: 25 में से सभी सीटें अन्य के जीतने का अनुमान।

कर्नाटक: 28 में से 23 सीटें एनडीए, 4 यूपीए और 1 सीट अन्य के जीतने का अनुमान।

केरल: 20 में से सभी बीस सीटें यूपीए के जीतने का अनुमान।

तमिल नाडु: 39 में से 1 एनडीए, 38 सीटें यूपीए (डीएमके मिलाके) जीतने का अनुमान।

तेलंगाना: 17 में से 6 एनडीए, 2 यूपीए, और 9 सीटें अन्य के जीतने का अनुमान।

यह कुछ प्रमुख राज्यों के बारे में हमने बताया की India TV मैटराइज के अनुसार अगर अभी चुनाव हुए तो स्तिथि कुछ इस प्रकार हो सकती है। सर्वे के मुताबिक एनडीए को 41 % वोट, यूपीए को 28 और अन्य को 31 % वोट मिल सकते हैं।

ये तो हुई इंडिया टीवी के सर्वे की बात, अब गौर करते हैं वास्तविक हालातों पर। जैसा की सभी को पता है इसी साल 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए जिसमे से 4 जगह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में भाजपा जीत दर्ज करने में बड़ी आसानी से सफल हुई। इन 5 राज्यों में से यूपी और गोवा में आशंका थी की भाजपा को हार का सामना करना पड़ सकता है लेकिन हुआ बिल्कुल उलट। जुलाई 2022 में हुए मध्य प्रदेश निकाय चुनावों मे भी काँग्रेस (Congress) ने भाजपा (BJP) को टक्कर ज़रूर दी लेकिन पीछे ही रही।

अब इसी साल के अंत तक गुजरात और हिमाचल में विधान सभा चुनाव होने हैं। बात करें अगर हिमाचल की तो भले कुछ नेताओं ने काँग्रेस की सदस्यता ली हो लेकिन गुजरात में काँग्रेस की वापसी इस बार भी मुश्किल ही लग रही है। हार्दिक पटेल (Hardik Patel) के पार्टी छोड़ने के बाद अब चर्चा है की पार्टी सीनियर लीडर नरेश रावल (Naresh Raval) और पूर्व राज्य सभा सांसद राजू परमार (Raju Parmar) भाजपा में जा सकते हैं।

तो अगर ये मान लें की, इंडिया टीवी के सर्वे में आधी भी सच्चाई है, तो ये साबित करता है की बढ़ती महंगाई (Inflation) जनता पर कोई खास असर नहीं कर रही। सर्वे में एनडीए को 350 सीटों का अनुमान है, तो अगर मान लें इस महंगाई के आलम में भी एनडीए 250 सीटें भी ले आया तो ये अपने आप में एक चमत्कार ही होगा।

कल सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के महंगाई पर किए प्रदर्शन से भी कुछ संख्या की आम जनता को खास फर्क नहीं पड़ा, जिसका असर आप सोशल मीडिया पर भी देख सकते हैं। इसकी प्रतिक्रिया कुछ खास नहीं रही। उनके मुताबिक ये सब काँग्रेस ने अपनी पार्टी के नेताओं पर हो रही ED (Enforcement Directorate) द्वारा करी जा रही कार्यवाही के खिलाफ था और इससे आम जनता का कोई मतलब नहीं। इसमें बड़ा दोष अपने देश की mainstream media का भी है, जिन्होंने शायद ही कभी बढ़ती महंगाई पर डिबेट या सरकार से सवाल पूछा हो। अब आलम ये है की आम जनता भी इस मुद्दे से अनजान हो चुकी है महंगाई सच में बढ़ी है। मीडिया ने इसे एक आम बढ़त के तौर पर पेश किया है।

अब जब मीडिया अपना काम सही से नहीं करेगा तो जनता तक असली बात कैसे पहुचेगी। जैसे कल ही विपक्ष का प्रदर्शन के दौरान तो न्यूज चैनल्स ने काफी TRP बटोरी लेकिन शाम होते होते इसे एक राजनीतिक स्टन्ट का रूप दे दिया गया। मीडिया एक तरह से सरकार के आलोचक की तरह काम करती है लेकिन अफोस ऐसा नहीं हो पा रहा है।


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faraz
Faraaz
Journalism Student | iamfhkhan@gmail.com | + posts

Faraaz is pursuing Mass Communication & Journalism from BBD University Lucknow.